वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम (PAL)

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ऑनलाइन प्रशिक्षण

"वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम (PAL)"

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 शिक्षा की गुणवत्ता, समानता, सुलभता तथा प्रभावशीलता को बढ़ाने में प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका पर विशेष बल देती है। यह नीति वैयक्तिकृत अधिगम अनुभवों को सक्षम बनाने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा आँकड़ा-आधारित (डेटा-संचालित) दृष्टिकोणों के उपयोग का समर्थन करती है, ताकि शिक्षार्थियों की व्यक्तिगत सीखने की गति और आवश्यकताओं के अनुरूप अधिगम सुनिश्चित किया जा सके (अध्याय 23, अनुच्छेद 23.1, 23.2 एवं 23.6)। इस दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए, विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ–एसई 2023) वैयक्तिकृत एवं दक्षता-आधारित अधिगम को प्रोत्साहित करने के लिए शैक्षिक प्रौद्योगिकी के सार्थक एकीकरण पर बल देती है। इसके अंतर्गत विभेदित शिक्षण(Differentiated Instruction), निर्माणात्मक मूल्यांकन(Formative Assessment),, स्व-निर्देशित अधिगम(Self-directed Learning) तथा प्रौद्योगिकी के नैतिक उपयोग के माध्यम से प्रत्येक शिक्षार्थी की अधिगम आवश्यकताओं का प्रभावी रूप से समर्थन करने की परिकल्पना की गई है (एनसीएफ–एसई 2023, अध्याय 6)।

समकालीन शैक्षिक परिदृश्य में शिक्षार्थियों की विविधता निरंतर बढ़ रही विद्यार्थी अपनी क्षमताओं, पूर्वज्ञान, रुचियों, सीखने की गति तथा अधिगम-संबंधी सहयोग की आवश्यकताओं के आधार पर एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। ऐसी स्थिति में पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों के लिए इन विविध अधिगम आवश्यकताओं की प्रभावी ढंग से पूर्ति करना प्रायः चुनौतीपूर्ण होता है। डिजिटल प्रौद्योगिकियों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में तीव्र प्रगति ने प्रत्येक शिक्षार्थी की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप वैयक्तिकृत अधिगम अनुभव उपलब्ध कराने के नए अवसर प्रदान किए हैं। इस संदर्भ में वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम (Personalized Adaptive Learning - PAL) सीखने के परिणामों में सुधार तथा दक्षता-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने की एक महत्त्वपूर्ण रणनीति के रूप में उभरकर सामने आया है। अधिगम संबंधी कमियों की प्रारम्भिक पहचान कर तथा आवश्यकतानुसार उपयुक्त सहयोग प्रदान करके, वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम (PAL) प्रत्येक शिक्षार्थी को अपनी गति और क्षमता के अनुरूप प्रभावी रूप से प्रगति करने में सक्षम बनाता इसके परिणामस्वरूप समतामूलक, समावेशी तथा शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा को सुदृढ़ आधार प्राप्त होता है।

वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम के प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। शिक्षक शिक्षार्थियों से प्राप्त आँकड़ों का उपयोग कर उनकी प्रगति का अवलोकन करते हैं, अधिगम आवश्यकताओं की पहचान करते हैं तथा समयानुकूल शैक्षिक सहयोग एवं हस्तक्षेप सुनिश्चित करते हैं। यद्यपि अनुकूली प्रौद्योगिकियाँ वैयक्तिकृत अधिगम को सशक्त बनाती हैं, फिर भी सार्थक अधिगम अनुभवों की रूपरेखा तैयार करने, समावेशी शिक्षण-अधिगम वातावरण का निर्माण करने तथा प्रौद्योगिकी के नैतिक, उत्तरदायी एवं सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करने में शिक्षक की भूमिका केंद्रीय एवं अपरिहार्य बनी रहती है। अतः शिक्षकों को अनुकूली अधिगम रणनीतियों का कक्षा-शिक्षण में प्रभावी एकीकरण करने हेतु आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं व्यावसायिक दक्षताओं से सुसज्जित करने के लिए उनके सतत व्यावसायिक विकास (Continuous Professional Development–CPD) को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है।

इसी परिप्रेक्ष्य में केन्द्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी), नई दिल्ली शिक्षकों की वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम (PAL) के प्रति समझ विकसित करने तथा इसके प्रभावी कक्षा-एकीकरण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ‘वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम (Personalized Adaptive Learning–PAL)’ विषय पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में अनुकूली अधिगम उपागमों की समझ विकसित करना तथा उनके प्रभावी एकीकरण को कक्षा-शिक्षण में सुदृढ़ करना है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की क्षमता संवर्धन की दिशा में इस प्रकार अभिकल्पित किया गया है कि वे शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षण रणनीतियों का प्रभावी नियोजन कर सकें, अनुकूली डिजिटल साधनों का दक्षतापूर्वक उपयोग कर सकें, दक्षता-आधारित अधिगम को प्रोत्साहित कर सकें तथा सभी शिक्षार्थियों की विविध अधिगम आवश्यकताओं के अनुरूप समावेशी अधिगम वातावरण का निर्माण कर सकें।

प्रशिक्षण के उद्देश्य

प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत शिक्षार्थी:

  • समकालीन शिक्षा में वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम (Personalized Adaptive Learning–PAL) की संकल्पना, आवश्यकता एवं क्षेत्र का वर्णन कर सकेंगे।
  • विविध शिक्षार्थी आवश्यकताओं को पूरा करने वाले अनुकूली पाठ्यचर्या एवं शिक्षण-अधिगम रणनीतियों के सिद्धांतों का वर्णन कर सकेंगे।
  • वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम के कार्यान्वयन में सहायक डिजिटल प्रौद्योगिकियों एवं मंचों की पहचान कर सकेंगे।
  • अधिगम अनुभवों को वैयक्तिकृत करने तथा शिक्षार्थियों की प्रगति के अनुश्रवण में अधिगम विश्लेषिकी (Learning Analytics) एवं आँकड़ा-आधारित (Data-driven) उपागमों की भूमिका को समझा सकेंगे।
  • वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम (PAL) में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence–AI) के अनुप्रयोगों का वर्णन कर सकेंगे तथा इसके संभावित लाभों, चुनौतियों एवं नैतिक पहलुओं का मूल्यांकन कर सकेंगे।
कार्यक्रम अनुसूची:
दिन एवं तिथि सत्र का शीर्षक विषय विशेषज्ञ का नाम बैनर लिंक प्रस्तुतीकरण लिंक वीडियो लिंक
दिन 1:
सोमवार
20 जुलाई, 2026
वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम (PAL): अवधारणा, आवश्यकता एवं क्षेत्र डॉ. आर. सी. शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. बी. आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली – 110006 दिन 1
दिन 2:
मंगलवार
21 जुलाई, 2026
अनुकूली पाठ्यचर्या एवं शिक्षण-अधिगम डॉ. सोनल शर्मा, सहायक प्रोफेसर, शिक्षा संकाय, केंद्रीय विश्वविद्यालय, गुजरात, कुंधेला, गुजरात – 391107 दिन 2
दिन 3:
बुधवार
22 जुलाई, 2026
वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम (PAL) में सहायक डिजिटल प्रौद्योगिकियाँ प्रो. किरन लता डंगवाल, आचार्य, शिक्षाशास्त्र विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ- 220067 दिन 3
दिन 4:
गुरुवार
23 जुलाई, 2026
अधिगम विश्लेषिकी एवं आँकड़ा-आधारित वैयक्तिकरण डॉ. सत्य भूषण, एसोसिएट प्रोफेसर, सीआईईटी-एनसीईआरटी, नई दिल्ली – 110016 दिन 4
दिन 5:
शुक्रवार
24 जुलाई, 2026
वैयक्तिकृत अनुकूली अधिगम (PAL) में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का प्रयोग डॉ. मोहम्मद मामूर अली, सहायक आचार्य, शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुपचारिक शिक्षा विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली दिन 5

आयोजन टीम

कार्यक्रम परामर्शदाता :

प्रो. अमरेन्द्र पी. बेहरा, संयुक्त निदेशक, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

प्रो. शिरीष पाल सिंह, विभागाध्यक्ष, डीआईसीटी एवं टीडी, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

कार्यक्रम समन्वयक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक :

डॉ. एंजेल रत्नाबाई, एसोसिएट प्रोफेसर, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

तकनीकी समन्वयक :

डॉ. गीता धस्माना, अकादमिक परामर्शदाता, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

श्री कैलाश सिंह, वरिष्ठ तकनीकी परामर्शदाता, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

प्रसारण माध्यम (Modality)

इस ऑनलाइन प्रशिक्षण की सभी सत्रों का सीधा प्रसारण एनसीईआरटी के आधिकारिक YouTube चैनल - NCERT Official YouTube Channel पर किया जाएगा तथा PM e-Vidya DTH टीवी चैनल्स (6–12) पर प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 5:00 बजे तक एक साथ प्रसारित किया जाएगा। सत्रों का लाइव प्रसारण निम्न माध्यमों पर भी उपलब्ध रहेगा:

  • DD Free Dish चैनल
  • DISH TV चैनल #2027–2033
  • Jio TV मोबाइल ऐप

प्रसारित सत्रों की रिकॉर्डिंग एक समर्पित यूट्यूब प्लेलिस्ट के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षार्थी संबंधित विषय की समझ को सुदृढ़ करने के लिए इन लाइव सत्रों/रिकॉर्डेड सत्रों को देख सकते हैं।

यदि शिक्षार्थी 50 घंटे के सतत व्यावसायिक विकास (Continuous Professional Development–CPD) के अंतर्गत मान्य प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें दीक्षा (DIKSHA) पर उपलब्ध ऑनलाइन पाठ्यक्रम में सम्मिलित होना होगा। पाठ्यक्रम में नामांकन करने और निम्नलिखित गतिविधियों को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के पश्चात् शिक्षार्थियों को पोर्टल पर ही डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त होगा। यह प्रमाण-पत्र उनकी प्रोफ़ाइल में भी उपलब्ध रहेगा। शिक्षार्थी प्रमाण-पत्र डाउनलोड करने के साथ-साथ उसे डिजिलॉकर के माध्यम से भी प्राप्त कर सकेंगे।
प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए शिक्षार्थियों को निम्नलिखित कार्य पूर्ण करने होंगे—

  • पाठ्यक्रम में उपलब्ध सभी डिजिटल संसाधनों का अध्ययन करना
  • पाठ्यक्रम में दी गई गतिविधियों में सहभागिता करना
  • अंतिम मूल्यांकन में तीन प्रयासों के भीतर न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना
  • प्रतिपुष्टि (Feedback) प्रपत्र भरना

पाठ्यक्रम में सहभागिता कैसे करें?

महत्वपूर्ण तिथियाँ :

पाठ्यक्रम का शीर्षक तिथियाँ
डिजिटल युग में शिक्षाशास्त्र की पुनर्कल्पना लाइव सत्र : 20-24 जुलाई , 2026

पाठ्यक्रम नामांकन प्रारम्भ तिथि : 25 जुलाई 2026

पाठ्यक्रम नामांकन की अंतिम तिथि : 10 मार्च 2027

पाठ्यक्रम समापन तिथि : 15 मार्च 2027

जो शिक्षार्थी केवल लाइव सत्र में सहभागिता करना चाहते हैं तथा प्रमाणपत्र प्राप्त करने का उद्देश्य नहीं रखते हैं, वे निम्न चरण का पालन करें :
  • NCERT के आधिकारिक YouTube चैनल / PM eVidya DTH टीवी चैनल पर लाइव सत्र देखें तथा विशेषज्ञों के साथ संवाद करें।
  • सत्रों की रिकॉर्डिंग निम्न प्लेलिस्ट लिंक के माध्यम से भी देखी जा सकती है :
  • https://youtube.com/playlist?list=PLQjE0SUWrbNQ&si=-0Zu673Pgk31-S10

जो शिक्षार्थी प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, वे निम्न चरणों का पालन करें :
  • चरण 1: DIKSHA पर पंजीकरण करें। अपनी APAAR ID तथा DigiLocker ID को लिंक करें। (यदि आपके पास APAAR ID या DigiLocker ID नहीं है, तो पहले उसे बनाएं और उसके बाद DIKSHA पोर्टल पर विवरण जोड़ें। यदि यह प्रक्रिया पहले से पूर्ण है, तो इस चरण को छोड़ा जा सकता है।)
  • चरण 2: पाठ्यक्रम लिंक का उपयोग करके ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ें।
    ( पाठ्यक्रम से जुड़ने की प्रक्रिया को समझने हेतु ट्यूटोरियल देखें - https://www.youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4j0TtGCy_jKJyEX7y6mD6Rs ).
  • चरण 3: पाठ्यक्रम में उपलब्ध वीडियो देखें।
  • चरण 4: पाठ्यक्रम में दी गई सभी गतिविधियों को पूर्ण करें, जैसे - चर्चा मंच (Discussion Forum), सहभागी गतिविधियाँ, असाइनमेंट आदि।
  • चरण 5: अंतिम मूल्यांकन में भाग लें। इसके लिए तीन प्रयास किए जा सकते हैं। प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि तीन प्रयासों के भीतर 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त नहीं होते हैं, तो शिक्षार्थी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे।
  • चरण 6: सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले शिक्षार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जिसे वे अपने प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर देख एवं डाउनलोड कर सकेंगे।

किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता हेतु ईमेल करें :training.helpdesk@ciet.nic.in अथवा संपर्क करें : 8800440559.

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