ऑनलाइन प्रशिक्षण
"वीडियो संसाधन निर्माण: स्क्रिप्ट से स्क्रीन तक"
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के ‘प्रौद्योगिकी के उपयोग एवं एकीकरण’ संबंधी अध्याय में शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका को रेखांकित करते हुए शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने हेतु आकर्षक, सुलभ, समावेशी एवं शिक्षार्थी-केंद्रित डिजिटल अधिगम संसाधनों के विकास पर विशेष बल दिया गया है। नीति में अनुभवात्मक अधिगम, अंतःक्रियात्मक शिक्षण प्रक्रियाओं तथा बहुआयामी अधिगम अनुभवों को समृद्ध करने के लिए मल्टीमीडिया, श्रव्य-दृश्य सामग्रियों एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम संसाधनों के प्रभावी एकीकरण को प्रोत्साहित किया गया है (अध्याय 23, अनुच्छेद 23.1, 23.5 एवं 23.6)। इसी परिप्रेक्ष्य में, विद्यालयी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE) 2023 में शैक्षिक प्रौद्योगिकी के एकीकरण को शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, सहभागी एवं संदर्भपरक बनाने का महत्त्वपूर्ण माध्यम माना गया है। रूपरेखा में इस बात पर बल दिया गया है कि सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के सार्थक उपयोग के माध्यम से डिजिटल साक्षरता को प्रोत्साहन दिया जा सकता है तथा शिक्षार्थियों को ज्ञान-निर्माण की प्रक्रियाओं में सक्रिय सहभागिता हेतु सशक्त बनाया जा सकता है (अध्याय 6, खंड 6.2.1 एवं 6.2.2)। वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में शैक्षिक वीडियो एक प्रभावी अधिगम संसाधन के रूप में उभरकर सामने आए हैं, जो अवधारणात्मक समझ को सुदृढ़ करने, स्व-गति अधिगम को प्रोत्साहित करने, कौशल विकास को समर्थन प्रदान करने तथा विविध शिक्षण-अधिगम संदर्भों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक सामग्री के व्यापक प्रसार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों, ऑनलाइन अधिगम परिवेशों तथा मल्टीमीडिया-आधारित शिक्षण के बढ़ते उपयोग ने सुविचारित एवं शिक्षाशास्त्रीय दृष्टि से सुदृढ़ शैक्षिक वीडियो संसाधनों की आवश्यकता को और अधिक महत्त्वपूर्ण बना दिया है। प्रभावी शैक्षिक वीडियो के विकास की प्रक्रिया में अवधारणात्मक रूपरेखा निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, दृश्य नियोजन, निर्माण, संपादन तथा मूल्यांकन जैसे विभिन्न चरण सम्मिलित होते हैं, ताकि सामग्री की स्पष्टता, प्रासंगिकता, सुगम्यता एवं शिक्षार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
स्क्रिप्ट लेखन शैक्षिक वीडियो निर्माण की आधारभूत प्रक्रिया है, जो विषयवस्तु को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने तथा अवधारणाओं को शिक्षार्थी-अनुकूल एवं अर्थपूर्ण ढंग से संप्रेषित करने में सहायक होती है। इसी प्रकार, दृश्य नियोजन, संपादन तकनीकें तथा मूल्यांकन प्रक्रियाएँ वीडियो संसाधनों की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता को सुनिश्चित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign Language-ISL) में शैक्षिक वीडियो संसाधनों का विकास समावेशी शिक्षा एवं विविध शिक्षार्थियों के लिए समान अधिगम अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है। अतः शिक्षकों, शिक्षक-शिक्षकों, विषयवस्तु निर्माताओं तथा मीडिया पेशेवरों के लिए यह आवश्यक है कि वे पाठ्यचर्या एवं शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षिक वीडियो संसाधनों के नियोजन, विकास, निर्माण तथा मूल्यांकन संबंधी अपनी दक्षताओं को सुदृढ़ करें।
इसी संदर्भ में, सीआईईटी-एनसीईआरटी द्वारा “वीडियो संसाधन निर्माण: स्क्रिप्ट से स्क्रीन तक” विषयक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों, शिक्षक-शिक्षकों, विषयवस्तु निर्माताओं, मीडिया पेशेवरों तथा अन्य हितधारकों की शैक्षिक वीडियो संसाधनों के विकास संबंधी क्षमताओं को संवर्धित करना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों में शैक्षिक वीडियो निर्माण प्रक्रियाओं, स्क्रिप्ट लेखन तकनीकों, वीडियो संपादन प्रक्रियाओं, भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) आधारित वीडियो विकास तथा आकर्षक, समावेशी एवं प्रभावी डिजिटल अधिगम सामग्री के निर्माण संबंधी रणनीतियों की समझ विकसित करना है।
प्रशिक्षण के उद्देश्य
प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत शिक्षार्थी:
- डिजिटल अधिगम में शैक्षिक वीडियो संसाधनों की अवधारणा, आवश्यकता एवं दायरे की व्याख्या कर सकेंगे।
- शैक्षिक वीडियो हेतु स्क्रिप्ट लेखन के प्रमुख तत्वों एवं प्रक्रियाओं का वर्णन कर सकेंगे।
- शैक्षिक वीडियो निर्माण हेतु संरचित एवं शिक्षार्थी-केंद्रित स्क्रिप्ट विकसित कर सकेंगे।
- शैक्षिक वीडियो निर्माण एवं संपादन की प्रक्रियाओं की पहचान कर सकेंगे।
- भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) में शैक्षिक वीडियो विकास की प्रक्रिया का अन्वेषण कर सकेंगे।
- शैक्षिक वीडियो संसाधनों के मूल्यांकन के महत्व एवं विधियों को स्पष्ट कर सकेंगे।
कार्यक्रम अनुसूची:
| दिन एवं तिथि | सत्र का शीर्षक | संसाधन व्यक्ति का नाम | बैनर लिंक | प्रस्तुतीकरण लिंक | वीडियो लिंक |
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दिन 1: सोमवार 25 मई 2026 |
शैक्षिक वीडियो: अवधारणा, आवश्यकता एवं क्षेत्र | प्रो. राजेंद्र पाल, आचार्य, एमपीडी, सीआईईटी-एनसीईआरटी, श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली – 110016 | दिन 1 | Presentation-1 | Video |
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दिन 2: मंगलवार 26 मई 2026 |
शैक्षिक वीडियो हेतु स्क्रिप्ट लेखन | प्रो. इंदु कुमार, आचार्य, सीआईईटी-एनसीईआरटी, श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली – 110016 | दिन 2 | ||
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दिन 3: बुधवार 27 मई 2026 |
शैक्षिक वीडियो निर्माण एवं संपादन | श्री बुद्धि प्रकाश कुकरेती, निर्माता, एमपीडी, सीआईईटी-एनसीईआरटी, श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली – 110016 | दिन 3 | ||
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दिन 4: गुरुवार 28 मई 2026 |
भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) वीडियो का विकास | प्रो. भारती कौशिक, विभागाध्यक्ष, एमपीडी, सीआईईटी-एनसीईआरटी, श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली – 110016 | दिन 4 | ||
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दिन 5: शुक्रवार 29 मई 2026 |
वीडियो संसाधनों का मूल्यांकन | प्रो. गौरव सिंह, आचार्य, एमपीडी, सीआईईटी-एनसीईआरटी, श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली – 110016 | दिन 5 | ||
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आयोजन टीम कार्यक्रम परामर्शदाता :
प्रो. अमरेन्द्र पी. बेहरा, संयुक्त निदेशक, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।
कार्यक्रम समन्वयक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक : डॉ. एंजेल रत्नाबाई, एसोसिएट प्रोफेसर, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली। तकनीकी समन्वयक :
डॉ. गीता धस्माना, अकादमिक परामर्शदाता, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।
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कार्यप्रणाली (Modality)
इस ऑनलाइन प्रशिक्षण की सभी सत्रों का सीधा प्रसारण NCERT के आधिकारिक YouTube चैनल - NCERT Official YouTube Channel पर किया जाएगा तथा PM e-Vidya DTH टीवी चैनल्स (6–12) पर प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 5:00 बजे तक एक साथ प्रसारित किया जाएगा। सत्रों का लाइव प्रसारण निम्न माध्यमों पर भी उपलब्ध रहेगा:
- DD Free Dish चैनल
- DISH TV चैनल #2027–2033
- Jio TV मोबाइल ऐप
रिकॉर्डेड सत्र एक समर्पित YouTube प्लेलिस्ट के माध्यम से भी उपलब्ध रहेंगे। शिक्षार्थी संबंधित विषय की बेहतर समझ
विकसित करने हेतु इन लाइव अथवा रिकॉर्डेड सत्रों का अवलोकन कर सकते हैं।
यदि शिक्षार्थी 50 घंटे के सतत व्यावसायिक विकास (CPD) के अंतर्गत मान्य प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते
हैं, तो उन्हें DIKSHA पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ना होगा। पाठ्यक्रम का लिंक लाइव सत्र के
अंतिम दिन साझा किया जाएगा। पाठ्यक्रम से जुड़ने के पश्चात शिक्षार्थियों को निम्न कार्य पूर्ण करने होंगे। सभी
आवश्यकताओं को सफलतापूर्वक पूरा करने पर डिजिटल प्रमाणपत्र पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रमाणपत्र उनके प्रोफ़ाइल
पृष्ठ पर भी उपलब्ध रहेगा तथा उसे डाउनलोड करने के साथ-साथ DigiLocker में भी प्राप्त किया जा सकेगा।
शिक्षार्थियों को निम्न कार्य पूर्ण करने होंगे:
- पंजीकरण प्रपत्र भरना
- पाठ्यक्रम में उपलब्ध सभी डिजिटल संसाधनों का अध्ययन करना
- पाठ्यक्रम में दी गई गतिविधियों में सहभागिता करना
- अंतिम मूल्यांकन में तीन प्रयासों के भीतर न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना
- प्रतिपुष्टि (Feedback) प्रपत्र भरना
पाठ्यक्रम में सहभागिता कैसे करें?
महत्वपूर्ण तिथियाँ :
| पाठ्यक्रम का शीर्षक | तिथियाँ |
|---|---|
| वीडियो संसाधन निर्माण: स्क्रिप्ट से स्क्रीन तक |
लाइव सत्र : 25–29 मई 2026 पाठ्यक्रम नामांकन प्रारम्भ तिथि : 29 मई 2026 पाठ्यक्रम नामांकन की अंतिम तिथि : 01 मार्च 2027 पाठ्यक्रम समापन तिथि : 15 मार्च 2027 |
जो शिक्षार्थी केवल लाइव सत्र में सहभागिता करना चाहते हैं तथा प्रमाणपत्र प्राप्त करने का उद्देश्य नहीं रखते हैं, वे निम्न चरण का पालन करें :
- NCERT के आधिकारिक YouTube चैनल / PM eVidya DTH टीवी चैनल पर लाइव सत्र देखें तथा विशेषज्ञों के साथ संवाद करें।
- सत्रों की रिकॉर्डिंग निम्न प्लेलिस्ट लिंक के माध्यम से भी देखी जा सकती है : https://www.youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4g-7hHOvHe2_XGBC9O2bePQ
जो शिक्षार्थी प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, वे निम्न चरणों का पालन करें :
- चरण 1: DIKSHA पर पंजीकरण करें। अपनी APAAR ID तथा DigiLocker ID को लिंक करें। (यदि आपके पास APAAR ID या DigiLocker ID नहीं है, तो पहले उसे बनाएं और उसके बाद DIKSHA पोर्टल पर विवरण जोड़ें। यदि यह प्रक्रिया पहले से पूर्ण है, तो इस चरण को छोड़ा जा सकता है।)
- चरण 2: पाठ्यक्रम लिंक का उपयोग करके ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ें।
(लिंक 29 मई 2026 को अपडेट किया जाएगा।)
( पाठ्यक्रम से जुड़ने की प्रक्रिया को समझने हेतु ट्यूटोरियल देखें - https://www.youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4j0TtGCy_jKJyEX7y6mD6Rs ). - चरण 3: पाठ्यक्रम के भीतर दिए गए पंजीकरण फॉर्म को भरें।
- चरण 4: पाठ्यक्रम में उपलब्ध वीडियो देखें।
- चरण 5: पाठ्यक्रम में दी गई सभी गतिविधियों को पूर्ण करें, जैसे - चर्चा मंच (Discussion Forum), सहभागी गतिविधियाँ, असाइनमेंट आदि।
- चरण 6: अंतिम मूल्यांकन में भाग लें। इसके लिए तीन प्रयास किए जा सकते हैं। प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि तीन प्रयासों के भीतर 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त नहीं होते हैं, तो शिक्षार्थी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे।
- चरण 7: सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले शिक्षार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जिसे वे अपने प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर देख एवं डाउनलोड कर सकेंगे।
किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता हेतु ईमेल करें :training.helpdesk@ciet.nic.in अथवा संपर्क करें : 8800440559.